
माँ बनना हर महिला के लिए एक बहुत ही सुखद अनुभव होता है। गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए वो समय होता है जो उसके जीवन के सबसे महत्वापूर्ण दिनों में से एक होता है। महिलायें गर्भावस्था के दौरान कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती है। गर्भावस्था में हर दिन महिला के शरीर में कुछ नए बदलाव होते हैं, और उसकी मानसिक स्थिति में भी परिवर्तन होता है। गर्भावस्था के नौ महीनो को तीन भागों यानी फर्स्ट ट्राइमेस्टर, सैकेंड ट्राइमेस्टर और थर्ड ट्राइमेस्टर में बांटा गया है। प्रत्येक ट्राइमेस्टर 13 सप्ताह से थोड़ा अधिक लंबा होता है। पहले महीने में पहले ट्राइमेस्टर की शुरुआत होती है।
ऐसे तो प्रेगनेंसी टेस्ट्स और अल्ट्रासाउंड एकमात्र तरीके हैं यह निर्धारित करने के लिया कि क्या आप गर्भवती हैं, लेकिन ऐसे अन्य लक्षण हैं जिनसे आप पता कर सकते है की क्या आप गर्भवती हैं। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण मिस्ड पीरियड्स के अलावा कई अनेक हैं। इनमें मॉर्निंग सिकनेस, स्मेल सेंसिटिविटी और थकान भी शामिल हो सकते हैं। प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान ऐंठन और खोलना, शरीर का तापमान बढ़ना, मूड में बदलाव जैसे लक्षण हैं |
हालांकि यह अजीब लग सकता है, आपकी गर्भावस्था का पहला सप्ताह आपके अंतिम मासिक धर्म की तारीख पर आधारित है। आपकी पिछली माहवारी गर्भावस्था का पहला सप्ताह माना जाता है, भले ही आप वास्तव में अभी तक गर्भवती नहीं हैं। गर्भावस्था के लक्षण में उल्टी महसूस होना, स्तन में सूजन, शरीर में थकान होना, लगातार पेशाब आना या खाने से मन उठना या घृणा होना जैसे है |

सामान्यतः सम्भोग करने के बाद जब गर्भधारण होता है उस दौरान बहुत कम महिलाओं को किसी भी तरह के लक्षण महसूस होते हैं, क्योंकि गर्भावस्था की जांच करने के लिए आजकल बाजार में कई तरह के प्रेगनेंसी टेस्ट (गर्भवस्था परिक्षण) किट उपलब्ध होते हैं इसीलिए आप चाहे तो सेक्स करने के हफ्ते भर बाद ही गर्भावस्था की जांच घर पर ही कर सकती हैं। लेकिन कुछ महिलाओं का कहना है कि उन्हें सेक्स के बाद ही, लगभग दस दिनों में ओवुलेशन से भी पहले कुछ लक्षण महसूस होते हैं, जैसे- मतली, ऐठन, स्तनों में सुजन या दर्द का अनुभव होना, पेट दर्द, थकान, मूड का अचानक बदलना एवं रक्तस्राव होना आदि।
गर्भावस्था के दौरान होने वाले मासिक लक्षणों के बारे में यहाँ पढ़े <LINK>










