गर्भावस्था/प्रेग्नेंसी किसी महिला के लिए उसकी ज़िंदगी का सबसे खुशनुमा दौर होता है। इस दौरान अपने जिस्म के भीतर एक नयी ज़िंदगी के पनपने का एहसास करना बेहद प्यारा अनुभव होता होगा। वहीं दूसरी ओर यह एक भायवाह सपने की तरह भी हो सकता है यदि गर्भावस्था गलत वक़्त पर हुई हो, या महिला गर्भधारण के लिए तैयार ना हो, या गर्भावस्था असुरक्षित सेक्स का नतीजा हो।
गर्भावस्था/प्रेग्नेंसी की स्थिति तब पैदा होती है जब किसी महिला के अंडे को स्पर्म फर्टिलाइज कर देता है। अंडे और स्पर्म का यह मिलन ज़ाइगोट का रूप ले लेता है और यह एक सेल (ज़ाइगोट) औरत के गर्भाशय के अंदर बढ़ने लगता है और धीरे धीरे एक बच्चे के रूप में विकसित हो जाता है।इंसानों में इस पूरी प्रक्रिया में फर्टिलाइजेशन के बाद से करीबन 264 दिन लगते है।

आइये जानते हैं की क्यूँ हम आपको पीरियड्स और गर्भावस्था से जुड़ी कही सुनाई बातों पर यकीन करने से पहले सोचने के बारे में कह रहें हैं…
1. हर महिला का शरीर पीरियड्स के दौरान अलग अलग तरीके से प्रतिकृया देता है। कईयों के पीरियड्स जल्दी खतम हो जाते हैं तो कईयों के बाद में, कुछ का मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है तो कुछ का 29 या 30 दिनों का।
2. पीरियड्स से जुड़ी कोई बात एक महिला पर लागू हो जाये तो यह ज़रूरी नहीं की दूसरों पर भी वो वैसे ही लागू हो, ऐसा इसलिए क्यूंकी हो सकता है उन दोनों महिलाओं के धर्मचक्र में काफी अंतर हो। जिनका मासिक धर्म चक्र लंबा होता है उनमें पीरियड्स भी ज़्यादा समय तक होते हैं और उनके अंडाशय ज़्यादा दिनों तक जीवित रह सकते हैं।
3. कभी कभी एक ही धर्मचक्र के दौरान दो दो अंडे निकल जाते हैं, दिक्कत तब हो सकती है जब दूसरा अंडा पहले अंडे के निकलने के कुछ घंटों बाद निकले, ऐसे में पहला अंडा जल्दी मर जाएगा पर दूसरा अब भी जीवित रहेगा।
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